Showing posts with label Banswara News. Show all posts
Showing posts with label Banswara News. Show all posts

Sunday, May 21, 2017

May 21, 2017

बांसवाड़ा : विद्यार्थी मित्र पहुंचे कलक्ट्री, पुलिस ने लाठियां पटक लौटाया



बांसवाड़ा.

अस्पष्ट निर्देशों के चलते शुरू से ही विवादित पंचायत सहायक भर्ती में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। चयन सूचियों पर सवाल खड़े करते हुए रविवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी मित्र जिला परिषद् एवं जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय पहुंचे। यहां पुलिस बल ने पहुंचते हुए धारा 144 का हवाला बताकर जमीन पर लाठियां बजाकर विद्यार्थी मित्रों को तितर-बितर कर दिया।

पंचायत सहायक भर्ती में सरकार की मंशा के अनुरूप चयन प्रक्रिया अपनाने को लेकर विद्यार्थी मित्र दोपहर बाद करीब दो बजे कलक्ट्री परिसर में एकत्र हो गए। दुपहिया वाहनों एवं जीपों से आए विद्यार्थी मित्रों ने जिला परिषद् कार्यालय के बाहर चयन सूचियों को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से बनाने की मांग की।

इसके बाद विद्यार्थी मित्रों के प्रतिनिधि दल ने जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनाथ चाहिल से मुलाकात की। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए सृजित पंचायत सहायक के पदों पर विद्यार्थी मित्रों के ही चयन की मांग रखी। विद्यार्थी मित्रों ने बताया कि कई ग्राम पंचायतों में निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं अपात्रों का चयन कर लिया है। कई ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रशासन ने अपने रिश्तेदारों को तय पात्रता नहीं होने के बावजूद चयन कर लिया है।

प्रतिनिधि दल ने मांग रखी कि चयन सूचियों में अपात्रों के नाम हटा लिए जाए। इस दौरान पुलिस ने जिला परिषद के बाहर पहुंचकर धारा 144 का हवाला देते हुए। सभी को वहां से हटाया। इस पर विद्यार्थी मित्र जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यालय परिसर में खड़े ही थे कि भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और जमीन पर लाठियां बजाकर विद्यार्थी मित्रों को शांति व्यवस्था के तहत हटाया।

पुलिस उपाधीक्षक विक्रमसिंह राठौड़ ने विद्यार्थी मित्रों से समझाइश भी की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गणपत कटारा, जितेश भट्ट, महेंद्र पटेल, लोकेश शुक्ला, राजकिशोर वर्मा, अन्नू गोस्वामी आदि शामिल हुए।

सीईओ ने कहा

चयन की पूरी प्रक्रिया ग्राम पंचायत ने की है। प्रधानाचार्य-शिक्षाधिकारी आदि अधिकारी जिम्मेदार हैं। हमें तो केवल सूचियों का अनुमोदन करना है। सोमवार तक एक सूची जारी करेंगे। चयन सूचियों में कौनसा अभ्यर्थी क्या योग्यता रखता है, इसका पता नहीं लगाया जा सकता है। डीईओ को पात्र अभ्यर्थियों के चयन के निर्देश दिए हैं।

रामनाथ चाहिल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद

डीईओ ने कहा

सूचियों को वापस देख रहे हैं। चयन में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। संभावना है कि सोमवार को एक सूची जारी कर दी जाएगी। कलक्टर एवं सीईओ से मार्गदर्शन लेकर सूचियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

प्रेमजी पाटीदार, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक


Wednesday, May 17, 2017

May 17, 2017

गर्मी की छुट्टियों में नहीं मिलेगा मिड डे मील

बांसवाड़ा
इसबार गर्मी की छुट्टियों में मिड-डे-मील सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिलेगा। अब तक हमेशा ही छुट्टियों में सभी स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने के आदेश होते थे,लेकिन इस बार विभाग ने आदेश देकर डीईओ को निर्देश दिए है कि यह योजना छुट्टियों में निरस्त कर दी है।

दरअसल हमेशा ही लाखों रुपए का नुकसान सरकार को होता था,क्योंकि वैसे भी स्कूलों में बच्चे तो आते नहीं थे,लेकिन उनकी हाजिरी दर्ज कर गेहूं और चावल का आवंटन उठा लिया जाता था। बाद में ठेकेदार इस सामग्री को दूसरी जगह पर बेच देते थे। जबकि रिकाॅर्ड में 70 से 80 फीसदी तक बच्चों की उपस्थिति दर्शा दी जाती थी और ठेकेदार लाखों रुपए कमा लेते थे।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदेशस्तरीय मिड-डे-मील की क्रियान्वयन समिति ने तय किया है कि छुट्टियों में मिड डे मील नहीं चलाया जाएगा। प्रभारी दिलीप शाह ने बताया कि इस बार आदेश चुके हैं और कहीं पर भी नहीं चलाया जाएगा।

भास्करने फर्जी उपस्थिति की जानकारी दी थी

भास्करने पिछले वर्ष इसका खुलासा करते हुए प्रशासन और आयुक्त को बताया था कि फर्जी उपस्थिति भरकर लाखों रुपए उठाए जाते हैं। यहां तक पिछले वर्ष तो मिड डे मील के तहत स्कूलों को तीन महीनों का एडवांस खाद्यान्न जिले को दे दिया था। जबकि उसका उपयोग बहुत ही कम हो पाया था। सूत्रों के अनुसार हर साल प्रदेश में करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा था। इस कारण सरकार और आयुक्त ने मिड डे मील नहीं चलाने का निर्णय किया है।

*👬📚 एज्युकेशन न्यूज ग्रुप*📚👫

Tuesday, April 18, 2017

April 18, 2017

कामकाजी व्यवस्था को लेकर डीईओ और एडीईओ के बीच ठनी

प्रारंभिकशिक्षा विभाग में डीईओ प्रेमजी पाटीदार और एडीईओ परथा दामा के बीच गुरुवार को काम-काजी व्यवस्थाओं को लेकर काफी बहसबाजी हुई। इस दौरान स्थिति यह बन गई कि डीईओ के कक्ष के बाहर ऑफिस के कर्मचारी एकत्रित हो गए।

बाद में एडीईओ अपने कक्ष में गए और डीईओ अपने काम में व्यस्त हो गए, लेकिन दोनों अधिकारियों के बीच बहसबाजी विभाग में चर्चा का विषय बन गई। हालांकि मामला साक्षरता विभाग से जुड़ा हुआ था। पिछले दिनों साक्षरता विभाग में जिला साक्षरता अधिकारी ललित कमाल का प्रमोशन हुआ और तबादला हो गया। इसके बाद अधिकारी का पद खाली पड़ा हुआ था। कलेक्टर भगवती प्रसाद ने एक आदेश जारी कर काम-काजी व्यवस्था के तहत प्रारंभिक शिक्षा विभाग के एडीईओ परथा दामा को चार्ज दिया। अब दामा के पास दो चार्ज हो गए।

इस बीच दामा सुबह के समय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और दोपहर बाद साक्षरता विभाग में रूटीन के काम निबटाते हैं। इसी व्यवस्था को लेकर बताया जाता है कि आधे घंटे तक डीईओ कार्यालय में दोनों के बीच काफी बहस हुई।

^ऑफिस के मेल से ही आदेश आया था। उन्होंने ही बुलाकर दिया था और कहा था कि यह आपका आदेश है। पहले अवॉइड किया था, फिर पद संभाला। किसी को तकलीफ हो तो छोड़ देते हैं। *-परथादामा, एडीईओ प्रारंभिक*

^काम नहीं होता है तो कहना पड़ता है। वैसे ऐसी कोई बात नहीं है। साक्षरता का काम कर रहे हैं, लेकिन मुझे बताया नहीं गया था। बाकी बहसबाजी जैसी कोई बात नहीं हुई थी। सिर्फ जानकारी मांगी थी। *-प्रेमजीपाटीदार, डीईओ प्रारंभिक*

विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिला साक्षरता अधिकारी का चार्ज के लिए प्रशासन की ओर से विभागीय मेल पर ही परथा दामा के लिए आदेश जारी हुए थे। इसके बाद इसकी कॉपी डीईओ के टेबल पर पहुंची थी और टेबल से ही दामा तक जानकारी पहुंची थी। फिर भी डीईओ द्वारा बताया जा रहा है कि उन्हें साक्षरता अधिकारी के पदभार की जानकारी नहीं है। हालांकि इस बात का दावा डीईओ पाटीदार द्वारा किया जा रहा है, जबकि विभागीय सिस्टम के मुताबिक व्यवस्था तो यही है।

*👬📚 एज्युकेशन न्यूज ग्रुप*📚👫


About

authorHello, my name is Jack Sparrow. I'm a 50 year old self-employed Pirate from the Caribbean.
Learn More →



Tags